प्रशासन ने Shiv Mandir तोड़ा, सड़क पर बैठकर जनता गाने लगी हनुमान चालीसा
प्रशासनिक अधिकारियों ने अपने कदम का बचाव करते हुए कहा कि किसी भी सोसाइटी परिसर में स्थायी निर्माण करने से पहले नगर निगम (Municipal Corporation) और अन्य संबंधित विभागों से विधिवत मंजूरी (Approval) लेना अनिवार्य है।

Shiv Mandir : सेक्टर-85 स्थित पिरामिड हाइट्स सोसाइटी (Pyramid Heights Society) में एक निर्माणाधीन शिव मंदिर के हिस्से को प्रशासन द्वारा गिराए जाने के विरोध में मंगलवार सुबह जबरदस्त हंगामा हुआ। आक्रोशित सोसाइटी निवासियों ने मुख्य सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया और प्रशासन तथा पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के कारण इलाके में यातायात भी बाधित हुआ।
सोसाइटी के निवासियों का गुस्सा सोमवार को हुई प्रशासनिक कार्रवाई के कारण फूटा। सोमवार को नगर निगम और पुलिस की एक संयुक्त टीम सोसाइटी परिसर में पहुंची और बुलडोजर का इस्तेमाल करते हुए मंदिर के एक हिस्से को ‘अवैध निर्माण’ बताते हुए ध्वस्त कर दिया। निवासियों द्वारा भारी विरोध किए जाने के बावजूद, पुलिस बल की मौजूदगी में यह कार्रवाई जारी रही।


सोसाइटी के लोगों का कहना है कि वे मिलकर शांतिपूर्वक मंदिर का निर्माण करा रहे थे, जो कि समाज के सहयोग से किया जा रहा था। निवासियों ने प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें इस तोड़फोड़ के संबंध में कोई पूर्व सूचना या नोटिस नहीं दिया गया था। उनका यह भी आरोप है कि पुलिस और प्रशासन बिल्डर के पक्ष में खड़ा होकर आम नागरिकों को परेशान कर रहा है।
एक निवासी ने बताया मंदिर का निर्माण सभी की आस्था का विषय है, लेकिन प्रशासन ने हमसे बात किए बिना सीधे आकर ढांचे को गिरा दिया। यह हमारी भावनाओं को आहत करने वाला कदम है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने अपने कदम का बचाव करते हुए कहा कि किसी भी सोसाइटी परिसर में स्थायी निर्माण करने से पहले नगर निगम (Municipal Corporation) और अन्य संबंधित विभागों से विधिवत मंजूरी (Approval) लेना अनिवार्य है। यह निर्माण बिना किसी आवश्यक अनुमति के किया जा रहा था, जिसके कारण नियमों का पालन करते हुए यह कार्रवाई की गई।
यह विवाद इस सोसाइटी के लिए नया नहीं है। लगभग तीन महीने पहले भी मंदिर के निर्माण को लेकर सोसाइटी में तनाव की स्थिति बनी थी। उस समय, बाउंसर्स और निवासियों के बीच शिवलिंग को हटाने के प्रयास को लेकर धक्का-मुक्की हुई थी। उस समय भी सोसाइटी के लोगों ने पुलिस पर बिल्डर का पक्ष लेने का आरोप लगाया था और विरोध स्वरूप सोसाइटी में धरना दिया था।
सोसाइटी के निवासी अब एकजुट होकर इस मामले में अपनी बात रखने और न्याय की गुहार लगाने के लिए उपमंडल मजिस्ट्रेट (SDM) से मिलने गए हैं। पुलिस मामले पर कड़ी निगरानी बनाए हुए है ताकि आगे कोई अप्रिय घटना न हो।












